पहली बार कपड़े उतार रही थी तो बार-बार रुक जाती. आखिरी कपड़े को कसकर देर तक पकड़े रखा. छोड़ने में आधा-पौन घंटा तो लगा ही होगा. आंसू टपकने को होते, फिर भूखे बच्चों का ख्याल रोक देता. शर्म खुलने में बखत नहीं लगता, जब बात पेट की होfrom Latest News कल्चर News18 हिंदी https://ift.tt/2robZMf
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