हमारे समाज में पैर छूने की परंपरा बहुत पुरानी है. इस परंपरा में एक दोष भी है. दरअसल, पैर छूने वाला व्यक्ति तो आशीर्वाद का पात्र तो होता है लेकिन बदले में जिसके पैर छुए गए हैं उसका भी एक कर्तव्य बनता है.from Latest News कल्चर News18 हिंदी https://ift.tt/2KbZURM
No comments:
Post a Comment