पद्म भूषण से 19 जुलाई 2018 की शाम लगभग 8 बजे नीरज इस फानी दुनिया को अलविदा कह गए. उनकी स्मृति में पेश से उनकी यह कविता- “एक मजहब ऐसा भी.”from Latest News कल्चर News18 हिंदी https://ift.tt/2zXSh0I
पद्म भूषण से 19 जुलाई 2018 की शाम लगभग 8 बजे नीरज इस फानी दुनिया को अलविदा कह गए. उनकी स्मृति में पेश से उनकी यह कविता- “एक मजहब ऐसा भी.”
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हिंदी सिनेमा के सुनहरे दौर में कई हिंदी फिल्मों की कहानी 'कुंभ मेले' के बिना अधूरी रहती थीं. यह हिंदी सिनेमा का पॉपुलर जॉनर बन गया थ...
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