“गीत उन्मन है, ग़ज़ल चुप है, रुबाई है दुखी, ऐसे माहौल में नीरज को बुलाया जाए” - - गोपाल दास ‘नीरज’ - Hindi english news

Hindi english news

You get hindi and english news everyday with best content

Breaking

Home Top Ad

Post Top Ad

Responsive Ads Here

Friday, July 20, 2018

“गीत उन्मन है, ग़ज़ल चुप है, रुबाई है दुखी, ऐसे माहौल में नीरज को बुलाया जाए” - - गोपाल दास ‘नीरज’

पद्म भूषण से 19 जुलाई 2018 की शाम लगभग 8 बजे नीरज इस फानी दुनिया को अलविदा कह गए. उनकी स्‍मृति में पेश से उनकी यह कविता- “एक मजहब ऐसा भी.”

from Latest News कल्चर News18 हिंदी https://ift.tt/2uOsbY8

No comments:

Post a Comment

'तुझे न देखूं', 90s का वो गाना, जिसे युवाओं ने सोते-जागते हुए गुनगुनाया, 22 साल बाद भी है दिलों पर कब्जा

नई दिल्ली: अगर आप 90 के दौर के गाने सुनते-देखते हुए बड़े हुए हैं, तो आपने 1993 की फिल्म 'रंग' का वो गाना जरूर सुना होगा, जिसे नौजवान...

Post Bottom Ad

Responsive Ads Here

Pages