पद्म भूषण से 19 जुलाई 2018 की शाम लगभग 8 बजे नीरज इस फानी दुनिया को अलविदा कह गए. उनकी स्मृति में पेश से उनकी यह कविता- “एक मजहब ऐसा भी.”from Latest News कल्चर News18 हिंदी https://ift.tt/2uOsbY8
पद्म भूषण से 19 जुलाई 2018 की शाम लगभग 8 बजे नीरज इस फानी दुनिया को अलविदा कह गए. उनकी स्मृति में पेश से उनकी यह कविता- “एक मजहब ऐसा भी.”
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मराठी संगीत और खासकर लावणी गायकी की बात हो और सुलोचना चव्हाण का नाम न आए, ऐसा हो ही नहीं सकता. अपनी दमदार आवाज और खास अंदाज से उन्होंने लावण...
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