अपने भीतर प्रभु का प्रेम अनुभव करने से हमारे अंदर नम्रता आती है. जब हमारे अंदर आत्मिक नम्रता का विकास होता है तब धन, मान-प्रतिष्ठा, ज्ञान और सत्ता का अहंकार नहीं आ पाताfrom Latest News कल्चर News18 हिंदी https://ift.tt/2JNYhsD
अपने भीतर प्रभु का प्रेम अनुभव करने से हमारे अंदर नम्रता आती है. जब हमारे अंदर आत्मिक नम्रता का विकास होता है तब धन, मान-प्रतिष्ठा, ज्ञान और सत्ता का अहंकार नहीं आ पाता
About Unknown
पंडित शिवकुमार शर्मा का सफर केवल संगीत का सफर नहीं था, बल्कि एक पिता के विश्वास और बेटे की मेहनत की अद्भुत मिसाल था. आइए, संगीतकार की जयंती ...
No comments:
Post a Comment