काजी नजरुल इस्लाम को अपने बागी तेवरों के चलते विद्रोही कवि का खिताब मिला. वे कविताओं के अलावा निजी जिंदगी में भी धर्म के ठेकेदारों से बैर लेते रहे.from Latest News कल्चर News18 हिंदी https://ift.tt/2BTg174
काजी नजरुल इस्लाम को अपने बागी तेवरों के चलते विद्रोही कवि का खिताब मिला. वे कविताओं के अलावा निजी जिंदगी में भी धर्म के ठेकेदारों से बैर लेते रहे.
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एक्टिंग की दुनिया में कब किसकी किस्मत चमक जाए, कोई नहीं कह सकता. इंडस्ट्री की दुनिया का एक सितारे की तो किस्मत ही 40 की उम्र के बाद चमकी थी....
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