ये व्रत तब तक अपूर्ण ही माना जाता है जब तक महिलाएं छलनी से चांद और अपने पति का चेहरा न देख लें.from Latest News कल्चर News18 हिंदी https://ift.tt/2OR7zv4
ये व्रत तब तक अपूर्ण ही माना जाता है जब तक महिलाएं छलनी से चांद और अपने पति का चेहरा न देख लें.
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मराठी संगीत और खासकर लावणी गायकी की बात हो और सुलोचना चव्हाण का नाम न आए, ऐसा हो ही नहीं सकता. अपनी दमदार आवाज और खास अंदाज से उन्होंने लावण...
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