विद्या ने कहा, मेरी जिंदगी में एक वक्त था मैं अपने शरीर के साथ जंग में थी. मैं अपनी बनावट से दुखी थी, नफरत करती थी और चाहती थी कि मेरा शरीर बदल जाए.from Latest News मनोरंजन News18 हिंदी http://bit.ly/2UzYw4G
विद्या ने कहा, मेरी जिंदगी में एक वक्त था मैं अपने शरीर के साथ जंग में थी. मैं अपनी बनावट से दुखी थी, नफरत करती थी और चाहती थी कि मेरा शरीर बदल जाए.
About Unknown
हिंदी सिनेमा में मकर संक्रांति और पतंगबाजी पर आधारित गाने जैसे 'उड़ी उड़ी जाए', 'ढील दे', 'मांझा', 'रुत आ गई रे...
No comments:
Post a Comment