जीवन में कुछ पड़ाव ऐसे भी आते हैं जब हम अंदुरुनी तौर पर खुद को बेहद टूटा और बिखरा हुआ महसूस करते हैं. आइए जानते हैं कि कब महसूस होता है मानों हाथों से रेत की तरह फिसल रही हैं जिंदगी.from Latest News कल्चर News18 हिंदी http://bit.ly/2VGagTD
जीवन में कुछ पड़ाव ऐसे भी आते हैं जब हम अंदुरुनी तौर पर खुद को बेहद टूटा और बिखरा हुआ महसूस करते हैं. आइए जानते हैं कि कब महसूस होता है मानों हाथों से रेत की तरह फिसल रही हैं जिंदगी.
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मराठी संगीत और खासकर लावणी गायकी की बात हो और सुलोचना चव्हाण का नाम न आए, ऐसा हो ही नहीं सकता. अपनी दमदार आवाज और खास अंदाज से उन्होंने लावण...
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